Mother God Help Life....सावधान
यह ब्लाग रफकार्य टाइमपास हेतु परिकल्पना पर आधारित लेख लिखा है आप अपनी जिम्मेदारी पर पढ़ेंगे। आपकी भावना आहत हो सकती है, मुस्लिम भाग जायेंगे वाक्य में मुस्लिम शब्द के स्थान पर दुष्ट-भ्रष्ट शब्द पढ़ें। भारत श्रेष्ठ आध्यात्मिक राष्ट्र होगा तीन और पच्चीस कानून लागू करें देखना मुफ्तवादी ब्राम्हण मौलाना फादर देश छोड़कर भाग जायेंगे।
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गुरुवार, 20 नवंबर 2025
सोमवार, 5 अगस्त 2024
दुष्ट भ्रष्ट ब्राम्हण मुस्लिम ईसाई धर्म-प्रचारक मुक्त भारत
चुटकियों का काम हजारों वर्ष से परेशान है भारत
दुष्ट भ्रष्ट मुफ्तवादी ब्राम्हण मुस्लिम ईसाई मुक्त भारत
उद्धेश्य :- भारत देश में आध्यात्मिक शान्ति स्थापित करना
देश में तनाव बढ़ाने वाले, दान-चंदा लेने वाले, मुफ्त खाने वाले दुष्ट भ्रष्ट मुफ्तवादी ब्राम्हण मुस्लिम ईसाई धर्म-प्रचारक गाँव-देश छोड़कर चले जायेंगे। क्योंकि सभी धर्म-प्रचारक को मेहनत करके खाना होगा इसलिए। हम नागरिक भी परिश्रम करके खाते हैं। अतः सभी श्रेष्ठ अच्छे परिश्रमी सत्य-वक्ता आध्यात्मिक-गुरु धर्म का प्रचार धर्म का संरक्षण करेंगे।
तीन कानून लाओ :- दुष्ट धर्म-प्रचारक से मुक्ति पाओ
देश में तनाव बढ़ाने वाले, दान-चंदा लेने वाले, मुफ्त खाने वाले, दुष्ट भ्रष्ट मुफ्तवादी ब्राम्हण मुस्लिम ईसाई धर्म-प्रचारक गाँव-देश छोड़कर चले जायेंगे।
क्या नागरिक बंधू स्वीकार करते हैं। भगवान परमात्मा ईश्वर अल्लाह देवी देवता नबी-पैगम्बर यहोवा का उपासक भक्त पुजारी धर्मगुरु धर्म-प्रचारक मेहनत करके खाने में असमर्थ निकम्मा हो जाता है। इसलिए धर्मगुरु धर्म-प्रचारक संरक्षक दान चंदा लेते हैं मुफ्त में खाते हैं।
अतः हम भारतीय नागरिक को आलसी निकम्मा नहीं बनना है दुष्टों से बचना है।
अतः सभी आध्यात्मिक धर्मगुरुओं उपासक धर्म-प्रचारक को मेहनत करके खाना होगा।
सभी धर्म के लोग कानून पसन्द केरेंगे।
दुष्ट धर्म-प्रचारक से ब्राम्हण मुस्लिम ईसाई नागरिक भी परेशान हैं।
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रविवार, 4 अगस्त 2024
ईश्वरवाद ऐय्याशी सिद्धान्त समस्या का निवारण
ईश्वरवाद ऐय्याशी सिद्धान्त
कुरान वेद-पुराण का ब्यापार इसे किस प्रकार से परिभाषित किया जाये
मुस्लिम की ज्ञान क्षमता नहीं है बिना हथियार विजयी नहीं हो सकता
सरकार मुस्लिम कौम हिन्दू मुस्लिम विवाद सुलझा नहीं सकती
दुनियाँ में जब तक कुरान रहेगा तब तक शान्ति नहीं आ सकती पुष्पेन्द्र कुलश्रेष्ठ के कथन का समर्थन करता हूँ
कुरान लोगों की स्वतंत्रता पर अंकुश लगाता है जानकार मुस्लिम महिला के नाम से घबराता है
तीन कानून के सम्बन्ध में मुफ्तवादि मौलाना इमाम जेहादी केवल बार-बार कुरान दिखायेंगे अल्लाह अल्लाह चिल्लायेंगे लेकिन यह कानून सभी मुस्लिम के हित में है अतः मुस्लिम नागरिक सब मुस्लिम और बच्चों के हित बेहतर भविष्य को देखकर मौलाना इमाम जेहादी की बोलती बन्द कर देंगे और तीन कानून लागू करवाएंगे
जीवित बुद्धिमान अंतरिक्ष में मैं अन्न पोषित पुरुष-स्त्री अंश गर्भजन्मा जीव हूँ
मैं रामसजीवन भारतीया अकेला बिना हथियार खड़ा हूँ मुफ्तवादी मुस्लिम समुदाय के कुरान के ब्यापारी वर्ग एक अकेला से लड़ नहीं सकते बिना हत्या किये जीत नहीं सकते
मुस्लिम मनुष्यों को अपराध करना सिखाया कर्म से संसार रचयिता को कमजोर बुद्धिहीन बताया
जैसा की वफ्फबोर्ड भूमि अधिग्रहण वफ्फ का अर्थ है दान करना
सारे संसार रचयिता की उपासना करने वाला धरती के मनुष्यों को झूठ बोलना हत्या करना हत्या का भय दिखाकर बात मनवाना विकृत राजनीति करना किसी की सम्पत्ति बाहुबल हडपना नहीं सिखायेंगे सीधा जेल होगी आप सारे संसार रचयिता के पक्ष में खड़े होकर अपराध करना नहीं सिखायेंगे अपराध से मुक्त रहना बचाना सिखायेंगे भ्रष्ट मुसलमानों हिन्दुओं की ज्यादतीयों से बचना चाहते हो
*- अब भारत भ्रष्ट मुसलमानों की भ्रष्ट हिन्दुओं की भ्रष्ट राजनीति से आजाद होगा।
सीमा कुशवाहा (सुप्रीमकोर्ट-वकील) सुप्रीमकोर्ट में यह याचिका दायर करोगी- क्या ईश्वर की बात कहने वाले का आचरण ऐसा होना चाहिए।
दान दाता और दान ग्रहण करने वाला — सम्पत्ति का स्वामी नहीं
जगत्-रचना और सम्पत्ति का मूल स्वामी रचयिता है। दाता और ग्रहणकर्ता केवल व्यवस्था करने वाले हैं — न कि अन्तिम स्वामी।
दान देने या लेने वाला व्यक्ति किसी भी वस्तु (अनाज, फल-फूल, धन, पशु-पक्षी आदि) का अंतिम स्वामी नहीं होता। यह सत्य निम्न बातों से स्पष्ट है:
- रचना-क्रम: पहले सूरज-धरती-चन्द्रमा आदि बने; फिर इन पर वनस्पति और जीवो का निर्माण हुआ — इसलिए सम्पत्ति की उत्पत्ति रचयिता-निर्मित है। यह स्वतः सिद्धान्त पर आधारित रचना है
- स्वामित्व का सिद्धांत: दान दाता और दान प्राप्तकर्ता केवल व्यवस्थापक हैं — वे केवल देने/लेने की क्रिया में संलग्न होते हैं।
- हक़-हिसाब नहीं: कोई भी मानव यह दावा नहीं कर सकता कि वह सम्पत्ति का परम स्वामी है; इसलिए 'दान देने का अंतिम अधिकार' किसी व्यक्ति या संस्था के पास नहीं ठहरता।
यह मनुष्य और इंसान की साजिश नहीं जीव सृष्टा और धारण कर्ता की है (सीमा सम्रीद्धि कुशवाहा ) सुप्रीमकोर्ट वकील
ऐसा प्रतीत होता है
वर्तमान में प्रस्तावित 21 कानून इस कथन को सत्यापित करता है
आप धरती पर धर्म स्थापना के समय को देखें उनके आपसी तनाव को देखें इनके साथ साथ विज्ञान के विस्तार को देखें इन धर्म उपदेशक के मध्य अपने-अपने धर्म-ग्रन्थ को लेकर तनाव-पूर्ण वातावरण बनाते हुए दावेदारी करें छल-कपट करें दुरूपयोग करें तब आम नागरिक सरलता-पूर्वक तनाव-रहित उन दोषों को दूर कर सके तनाव-मुक्त जीवन ब्यतित करें
आपके धर्मग्रन्थ में एक तुफान छिपा है इस तुफान का असर कम करने के लिए कानून की दीवार चाहिए
ईश्वर-अल्लाह- भगवान नाम का ब्यापार धर्मग्रंथ का दुरूपयोग मेरा भारत 21 कानून से बंद करेंगे
आपके सामने समस्याएं थी जिसका अविस्मर्णीय समाधान बता दिया है
इसलिए प्रस्तावित कानून की प्रशंसा नहीं किया क्योंकि यह मेरा सुझाया कानून है
मेरा अनुमान है यह एक ऐतिहासिक कानून होगा महोदय कट्टर इस्लामिक देश की जनता धर्मगुरुओं से परेशान है
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सोमवार, 15 जुलाई 2024
रविवार, 7 जुलाई 2024
न्यायालय में धर्मगुरुओं और वकील से पूछे जाने वाले प्रश्न
मूलाधार निवासी संसार रचयिता स्वामी को कोटि कोटि नमस्कार प्रणाम
मुस्लिम सिर्फ अल्लाह की इबादत क्यों करते हैं और दूसरों को विवश क्यों करते हैं
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