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रविवार, 4 अगस्त 2024

भ्रष्ट मुसलमानों हिन्दुओं की ज्यादतीयों से बचना चाहते हो

*- अब भारत भ्रष्ट मुसलमानों की भ्रष्ट हिन्दुओं की भ्रष्ट राजनीति से आजाद होगा।

अब भारत, भ्रष्ट मुसलमानों की, भ्रष्ट ब्राम्हणों की, भ्रष्ट राजनीति से, आजाद होगा
*-ओम, राधे माँ, शंकरा चार्य, विश्व गुरु परम हंसा चार्य, शरजिल इमाम, मोहम्मद शाद, महबूबा मुक्ति, फारूख अब्दुल्ला, उमर अबदुल्ला, अरसद मदनी, जैसे लोग, अब जेल जायेंगे
 *-अब भारत में, मुफत वादी, साधू, साधवी, संत, ब्राम्हण, मौलाना, इमाम, जिहादी की, निजी स्वार्थ सिध्धि हेतु, दिया गया, जादुगरी भाषण नहीं चलेगा।
इन्होने, बहुत, अल्लाह, भगवान, ईश्वर, यहोवा का नाम लेकर, ब्यापार किया,  मुफत मान-सम्मान और शोहरत और धन प्राप्त कर लिया
*-इन्होने हमेशा, मुहबंदी, दिमाग बन्दी, शब्द का प्रयोग किया, इन्होने सन्देश दिया, जो, अल्लाह, भगवान, ईश्वर, यहोवा की उपासना करते हैं,
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उनकी जरुरत, सबको बनाने वाला, पालने वाला पूरी करता है, सबको बनाने वाला, पालने वाला, बहुत बुध्धिमान, शक्तिमान, दयालु है,
*-ऐसे, लोभी सन्देश दाता, ये बताये, क्या बहुत बुध्धिमान, बहुत शक्तिमान, दयालु का, भक्त, उपासक, परिश्रम करने में, परिश्रम करके खाने में, असमर्थ, आलसी, निकम्मा हो जाते हैं,
मुफतवादी आध्यात्म गुरुओं का, प्रश्न होता है, क्या, जिसने दुनियाँ बनाया, सारा संसार बनाया, उसकी पूजा ईबादत स्तुति नहीं करोगे, ऐसे प्रश्न का उत्तर, कोई भी नागरिक, ना में नहीं देता,
इस विवशता का लाभ उठा कर, मुफतवादी आध्यात्म गुरुओं ने, खूब, मान सम्मान, धन दौलत, एइयाशी, प्रसिध्धि प्राप्त किया,
*-अतह, अब, इस तरह के प्रश्न पूछने वाले, मुफत वादी, आध्यात्म गुरुओं से, लोग प्रश्न पूछेगें, क्या, अल्लाह, भगवान, ईश्वर, यहोवा की उपासक,भगत, बंदों का आचरण, श्रेष्ठ नहीं होना चाहिए, क्या तुम्हारे कथन में सत्यता नहीं होनी चाहिए, क्या, तुम्हें धरती रचना, मानव जीवन का इतिहास, सही नहीं बताना चाहिए, वैज्ञानिक, पुरा तत्वेता की रिपोर्ट, नहीं दिखाना चाहिए, क्या, तुम्हे अपनी, मेहनत की नहीं खानी चाहिए,
*-क्या, अल्लाह, भगवान, ईश्वर, यहोवा को पूजने वाले, परिश्रम करने में, असमर्थ, आलसी, निकम्मा हो जाते हैं, इसलिए, मुफतवादी, आध्यात्म गुरु, धर्म प्रचारक, दान, चंदा, उपहार की धनराशी का उपयोग करते हैं, क्या, माँस-मदिरा का, सेवन करने वाला हो जाता है, क्या, चार चार औरत के साथ, सोने वाला हो जाता है,
क्या, आध्यात्म गुरु, धर्म प्रचारक को, कमजोरों का सहयोग करने वाला, उनकी घरों में, खाना पका कर, देने वाला नहीं होना चाहिए, असहाय लोगों की, घर की साफ सफाई करके, उनको सुख शांति, सकून देने वाला नहीं होना चाहिए, आदि, आदि, प्रश्न पूंछे जायेंगे, मुफतवादी, आध्यात्म गुरुओं, धर्म प्रचारक, क्या उत्तर दोगे, मुफतवादी आध्यात्म गुरुओं, अब दान चंदा लेने पर प्रतिबन्ध लगेगा, दान चंदा देने पर, कोई प्रतिबन्ध नहीं लगेगा

यह समस्त ब्रम्हांड स्तरीय कानून है

यह समस्त ब्रम्हांड अस्तरीय कानून है
कोई भी, आध्यात्मिक ब्यक्ति और सिद्ध शक्ति, हत्या का भय दिखाकर, लोभ दिखाकर, हठधर्मी और भीड़ के बलबूते, किसी अनुचित आध्यात्म की बातें, नहीं मनवाएगा, क्योकि, उस जीव के रचयिता, और पालन कर्ता आप नहीं हो,
यदि कोई ब्यक्ति अथवा शक्ति, ऐसा करता है, तब, प्रभावित ब्यक्ति अथवा समूह को अधिकार प्राप्त हो जाता है, हत्या का भय दिखाने वाले, भीड़ बलबूते बातें मनवाने वाले, अत्यंत हठी, ब्यभिचारी ब्यक्ति अथवा समूह की शक्तियां छीन लो, अथवा प्रतिदिन भोजन सामग्री को छोड़कर, उसकी सारी उपयोगी वस्तु छीन लो, और उस ब्यक्ति अथवा, भीड़ से कहो, आप, श्रम सिद्धांत से, शारीरिक परिश्रम करके, प्राप्त, उपयोगी धनराशी से, जीवन निर्वहन करेंगे, और हमें भी उपयोगी धनराशी, सम्पत्ति उपलब्ध कराते रहोगे, क्योकि, आप सारे संसार अथवा संसार रचयिता, पालन पोषण कर्ता के पक्ष में खड़े हो, आप अनुचित मार्ग, विधि नियम अपनाते हो, अतह, आप शासन नहीं करोगे, आप प्रेरित सिद्धांत से प्राप्त धनराशी का उपयोग नहीं करोगे, 
क्योकि, वह आपके, बौद्धिक और शारीरिक परिश्रम से प्राप्त, धनराशी नहीं होगी, वह, पूर्व में निर्मित,जीवित अजीवित और ब्यवस्थित सम्पत्ति होगी, जिसे, आपने अपनी आवश्यकता के अनुरूप ब्यवस्थित किया है, जीवित जीव के मन बुध्धि को प्रभावित किया है, अथवा प्रेरित किया है, वह आपकी सम्पत्ति नहीं है, जिस पर आप शासन करें,
आप जब तक, शून्य अंतरिक्ष को, जीवित करके, अपनी आवश्यकता के अनुरूप ब्यवस्थित नहीं करते, तब तक, वह आपकी उपयोगी सम्पत्ति नहीं है, जिस पर आप शासन करें, वह आपकी अनुपयोगी सम्पत्ति अवश्य है, जिस पर, केवल आपका अधिकार है, उस सम्पत्ति पर अजन्मा का भी अधिकार नहीं है,
जिस प्रकार से, पुत्र द्वारा, शारीरिक बौद्धिक परिश्रम से, प्राप्त सम्पत्ति, धनराशी पर पिता का अधिकार नहीं है, वह सम्पत्ति केवल जीवित पुत्र की सम्पत्ति है, यह समझाओ, जब ब्यक्ति अथवा भीड़ बात नहीं माने, तब कैद करो, अथवा हत्या कर दो, आप पर हत्या का आरोप नहीं लगेगा, क्योकि, आपने सत्य और आवश्यकता की सुरक्षा किया है,
निष्कर्ष,
कोई भी, ब्राम्हण, मौलाना, ईसाई धर्मगुरु, किसी भी ब्यक्ति से, हत्या का भय, लोभ दिखाकर, हठधर्मी और भीड़ के बलबूते, किसी अनुचित आध्यात्म की बातें, नहीं मनवाएगा,
यह कानून, भारत हिन्दुस्तान में लागु होगा, यह विश्व स्तरीय कानून है, इस कानून को विश्व में लागु करना होगा

जय भारत जय हिन्द


विथ सॉरी देश वासियों

     न्यायालय सरकार व नागरिक भ्रष्ट धर्मगुरुओं मौलाना इमाम जेहादी मुफ्तखोर ब्राम्हण साधू संत को हराम की मुफ्त की खाने की दान उपहार चंदा मिल रहा है मान सम्मान मिल रहा है धन-दौलत मिल रहा औरत के साथ ऐय्याशी करने को मिल रहा है इसलिए भगवान अल्लाह यहोवा के कट्टर बन्दे भक्त पुजारी उपासक बन के घूम रहे हैं ये चंदा दान उपहार की धनराशी इनके अधिकार क्षेत्र से बाहर कर दो अल्लाह भगवान यहोवा की इबादत भक्ति स्तुति करने की बात बंद कर देंगे आपके राष्ट्र में बहुत सारे अध्यात्मिक विवाद बंद हो जायेंगे
     ऐसे लोगों ने सृजन-कर्ता ब्याव्स्थापिका धारण कर्ता के पक्ष का मान सम्मान विश्वास को हानि पहुचाया है विश्व में ऐसे लोगों की वजह से गाँव में शहर में तनाव कम होंना चाहिए था लेकिन कई मुल्कों में लोगों बीच इनकी उपस्थिति में सक्रियता से दहशत रहता है

*- मैं सृजन कर्ता को मानता हूँ जगत धारक-पालक-पोषक को मानता हूँ जगत धारक-पालक-पोषक को भी धारण-पोषण करने वाला है इस बात से इन्कार नहीं करता

*- तीन कानून और 25 कानून के लागू होने पर एक भी भ्रष्ट मुसलमान भष्ट स्वर्ण-हिन्दू भ्रष्ट मिशनरी ईसाई भारत में कोई भी ऊँची आवाज में अध्यात्मिक भाषण देने की हिम्मत नहीं करेंगे उन्हें ज्ञात है एक भी असत्य कथन गलत आचरण तीन वर्ष की जेल पहुँचा सकता है अपने शारीरिक परिश्रम से प्राप्त धन व् धन से प्राप्त आवश्यक वस्तुओं का उपयोग करना है दान चंदा लिया तब सीधे जेल हो जायेगा

सरकार और न्यायालय,

क्या, आपके पास, ब्राम्हण, और मौलाना ,इमाम के मध्य, विवाद समाप्त करने का उपाय है, इसका उत्तर है, नहीं,

सरकार और न्यायालय को जानकारी, 3 कानून और पच्चीस कानून के, लागू होने पर, ब्राम्हण और मौलाना के मध्य का विवाद समाप्त हो जायेगा,

एक भी भ्रष्ट मुफत वादी मौलाना, भष्ट मुफत वादी स्वर्ण-हिन्दू ब्राम्हण, भ्रष्ट मुफत वादी मिशनरी ईसाई, कोई भी, भारत में, ऊँची आवाज में, असत्य आध्यात्मिक भाषण देने की हिम्मत, साहस नहीं करेंगे, कोई भी असत्य इतिहास बताने का साहस नहीं करेंगे, क्योकि, मुफत वादीयों को ज्ञात है, एक भी असत्य इतिहास, असत्य कथन, एक भी गलत आचरण, गलत ब्यवहार, मुफत वादीयों को, तीन वर्ष की जेल पहुँचा सकता है, मुफत वादीयों को, अपने शारीरिक परिश्रम से, प्राप्त धन, व धन से प्राप्त आवश्यक वस्तुओं का उपयोग करना होगा, यदि दान चंदा लिया, तब सीधे जेल हो जायेगा,

आप, मुफत वादी ब्राम्हण, और मौलाना, मिशनरी ईसाई, सत्यापित उदाहारण प्रस्तुत नहीं करोगे, ईश्वर, भगवान, परमात्मा, अल्लाह, खुदा, यहोवा का उपासक, भगत, पुजारी, शारीरिक परिश्रम करके खाने में असमर्थ हो जाता है,

जय हिन्द, जय भारत, वन्दे मातरम


ईश्वर की शक्तियां कमजोर है धर्म-गुरुओं ने सत्यापित किया

आत्माओं को कौन ले जायेगा बहुदेव वादी अथवा
एक देव-वादी एक ईश्वर वादी एक संसार वादी


हिन्दुओं के अनुसार लोगों के बीच समझ अनुसार 33 करोड़ देवी देवता है
मुस्लिम अनुसार उनकी प्रार्थना में यह कहा जाता है हमें बहुदेववादियों से बचा
प्रश्न सारे संसार वाले को छोड़ कर 33 करोड़ देवी देवता के पास आत्माएं क्यूँ गयी अब कितनी आत्माएं देवता के अधीन हुए 33 करोड़ देवी देवता के अधीन हुए आत्माएं कब तक उनके पास रहेंगी आत्माए उनके पास क्यूँ गयी
प्रश्न क्या मुस्लिम ईसाई हिन्दू देवी देवता सारे ससार बनाने वाले के बन्दे भक्त-पुजारी उपासक हैं दो दृश्य पहला देवता के अधीन आत्माएं दूसरा सारे संसार निर्माता के अधीन आत्माएं हैं मुस्लिम सारे संसार बनाने वाले की बात कहने वाले हैं अब समस्त संसार का बंदा दूत इन देवताओं से आत्माओं को वापस लेने आएँगी तब देवताओं द्वारा क्या कहा जायेगा अथवा धरती पर मनुष्यों द्वारा क्या कहा जायेगा दोनों पक्ष द्वारा कहा जायेगा पहले सत्य बोलना शुरू करो बाद में आत्माओं को मनुष्यों को ले जाने की बात कहना मनुष्यों और सारे संसार की बात कहने वालों के द्वारा हिन्दुओं के देवता दूत धर्म-गुरु से भी कुछ ऐसा कहा जायेगा पहले सत्य कहना शुरू करो बाद में मनुष्यों को देवता के पास ले जाना,
दूसरा मनुष्यों को अथवा आत्मा को कब तक देवता के अधीन रहना होगा और क्यूँ रहना होगा मनुष्य और आत्माएं देवताओं के पास क्यूँ जाए धर्मगुरुओं के पास क्यूँ जाए क्या मनुष्य और आत्माओं को पुस्तक पढ़ना नहीं आता अथवा पुस्तक पढ़ने नहीं दिया जायेगा अथवा सृष्टि को नहीं समझ सकते मनुष्य का कथन हमारे आधार ने सूक्ष्म को जीवित किया हम आपके आधार द्वारा निर्मित नहीं हैं पता कर लीजिये आप किस आधार पर हम पर कब्ज़ा करना चाहते हैं क्या समझौता के आधार पर यह किस प्रकार का समझौता है कब तक का समझौता है किसकी बनाई संपत्ति और चेतना आत्मा आकार गुण किसके पास कब तक क्यूँ रहेगी,

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