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रविवार, 4 अगस्त 2024

यह मनुष्य और इंसान की साजिश नहीं जीव सृष्टा और धारण कर्ता की है (सीमा सम्रीद्धि कुशवाहा ) सुप्रीमकोर्ट वकील

ऐसा प्रतीत होता है

वर्तमान में प्रस्तावित 21 कानून इस कथन को सत्यापित करता है

      यह प्रस्तावित कानून धरती पर जीव सृजन कर्ता की एक योजना है जीव सृजन कर्ता धर्म संस्थापिका ने पूर्व में योजना बना ली विभिन्न मान्यता संस्कृति वेश-भूषा के लोगों में जब विवाद की स्थिति बने तब विवाद निपटारा हेतु क्या किया जायेगा
      आप धरती पर धर्म स्थापना के समय को देखें उनके आपसी तनाव को देखें इनके साथ साथ विज्ञान के विस्तार को देखें इन धर्म उपदेशक के मध्य अपने-अपने धर्म-ग्रन्थ को लेकर तनाव-पूर्ण वातावरण बनाते हुए दावेदारी करें छल-कपट करें दुरूपयोग करें तब आम नागरिक सरलता-पूर्वक तनाव-रहित उन दोषों को दूर कर सके तनाव-मुक्त जीवन ब्यतित करें 
पूरा पढ़िये
जीव सृजन कर्ता की योजना है, ऐसा प्रतीत होता है,
वर्तमान में, प्रस्तावित 21 कानून, इस कथन को सत्यापित करता है,
      यह प्रस्तावित कानून, धरती पर, जीव सृजन कर्ता की एक योजना है, जीव सृजन कर्ता, धर्म संस्थापिका ने, पूर्व में योजना बना ली, विभिन्न मान्यता संस्कृति वेश भूषा के लोगों में, जब विवाद की स्थिति बने, तब विवाद निपटारा हेतु क्या किया जायेगा,
आप, धरती पर, धर्म स्थापना के समय को देखें, उनके, आपसी तनाव को देखें, ब्राम्हण मौलाना मध्य विवाद को देखें, इनके साथ साथ, विज्ञान के विस्तार को देखें, इन, धर्म उपदेशक के मध्य, अपने अपने धर्म ग्रन्थ को लेकर, तनाव पूर्ण वातावरण बनाते हुए दावेदारी करने लगे, छल कपट करने लगे, दुरूपयोग करने लगे, तब, ऐसे कानून की सहायता से, आम नागरिक, सरलता पूर्वक तनाव रहित, उन दोषों को दूर कर सके, जो तनाव, कई आध्यात्म शास्त्र द्वारा निर्मित हुआ है, और, तनाव मुक्त जीवन ब्यतित करें, 
भारत और न्यायालय दान उपहार चंदा पर कैसे प्रतिबन्ध लगाओगे
पुरे भारत के और विश्व के बुद्धि जीवी आप लोग प्रतिबन्ध लगा कर बताओ
कविता
दान चंदा लेने पर प्रतिबन्ध न्यायालय जिस दिन लगावेगा
मौलाना इमाम मुफ्तवादी सारे चारो खाना चित हो जावेगा
ब्राम्हण मुफ्तवादी लंगोट पहने कटोरा लेके गाँव गाँव जावेगा
लंगोटधारी ब्राम्हण साधू देख महिला दूसरी राह दिखावेगा
ब्राम्हण साधू मौलाना पास जावेगा पानी छींट के उठावेगा
कहेगा मौलाना आगे आगे तुम चलो पीछे पीछे अपुन आवेगा
तीन कानून देख मौलाना इमाम सीधे हास्पिटल पहुँच जावेगा
मौलाना इमाम साईकोलाजिस्ट से अपना भेजा ठीक करावेगा
हास्पिटल से बाहर आवेगा पब्लिक हमाली की राह दिखावेगा
श्रम सिद्धान्त से प्राप्त धन दिखाओ न्यायालय फैसला सुनावेगा
मौलाना इमाम फिर साईकोलाजिस्ट हास्पिटल पहुँच जावेगा
दान चंदा लेने पर प्रतिबन्ध न्यायालय जिस दिन लगावेगा
मौलाना इमाम मुफ्तवादी सारे चारो खाना चित हो जावेगा

पुरे भारत के पास इस प्रश्न का क्या उत्तर है 

आप केवल दो प्रश्न का उत्तर लोगे ईश्वर भगवान परमात्मा अल्लाह नबी पैगम्बर का उपासक परिश्रम करके खाने में असमर्थ आलसी निकम्मा हो जाता है अथवा शारीरिक परिश्रम करके खाने में सक्षम होता है
सृष्टि का इतिहास धरती का इतिहास मानव इतिहास सही बताएँगे अथवा गलत इतिहास बताएँगे
न्यायालय दो प्रश्नों का उत्तर लाइए और उत्तर पे उत्तर सबसे मांग लीजिये
जो अकड़ दिखाए उस मौलाना इमाम को मक्का मदीना पहुंचा दीजिये
ब्राम्हण साधू जब आँख दिखाए उनको हरिद्वार केदारनाथ पहुंचा दीजिये
सकून शान्ति किस राह मिलेगा वो राह सरकार जनता को दिखा दीजिये
जो ललकारे बारूद बलबूते उनको राष्ट्र का वार्षिक बजट दिखा दीजिये
दुम दबाके ना भागे सब देश विदेश तब हमको न्यायालय में बुला लीजिये
न्यायालय दो प्रश्नों का उत्तर लाइए और उत्तर पे उत्तर सबसे मांग लीजिये
जितने मुफ्त वादी हैं उनको भगवान परमात्मा अजन्मा तक पंहुचा दीजिये
      ऐसा प्रतीत होता है इस प्रकार की वार्ता पहले हो चुकी है दान-उपहार की धन राशि ली जा रही है प्रश्न किन लोगों को यह धनराशी लेने की अनुमति दी गयी थी वर्तमान में किन लोगों के द्वारा दानराशि ली जा रही है कोई भी कट्टर धर्म उपदेशक पीछे हटने को तैयार नहीं है सभी अपने धर्म विस्तार को प्राथमिकता दे रहे हैं धर्म विस्तार को प्राथमिकता किन लोगों के द्वारा दिया जा रहा है निःस्वार्थ लोगों के द्वारा अथवा स्वार्थी द्वारा अथवा जुनूनी हठधर्मी द्वारा प्राथमिकता दी जा रही है इस रहस्य का पता लगाना आसान है
      केवल दान-उपहार की धन राशी को इनके और इनके संचालक के अधिकार में जमा और उपयोग करने पर रोक लगा दो
      जिनकी बुलंद आवाज हो ऊँची आवाज हो दृढ़ता हठधर्मी हो जुनूनी हो प्राण न्योंछावर की बात कहें ऊपर वाले के लिए मालिक के लिए जान देने जान लेने की बात कहें ऐसे धर्म उपदेशक अपने शारीरिक परिश्रम से प्राप्त धन राशी से अपना और परिवार का भरण-पोषण करेंगे जनता द्वारा धार्मिक दान-उपहार की धन राशी सरकार के अधीन भी नहीं होनी चाहिए सरकारी महकमा भी भ्रष्ट है
धार्मिक दान-उपहार की धन राशी का उपयोग जनकल्याण में पूर्ववत होना चाहिए ऐसी ब्यवस्था करें


यह वीडियो किसी की भावना को आहत करने हेतु नहीं बनाया गया है।


केवल भारत-पाकिस्तान समस्या समाधान की ओर राष्ट्र का ध्यान आकर्षित करना है।
अब सीमा सम्रीद्धि कुशवाहा ( सुप्रीमकोर्ट वकील ) आपके क्या विचार हैं
मैं चाहता हूँ आप सीमा सम्रीद्धि कुशवाहा भ्रष्ट धर्मगुरूओं के द्वारा किया जाने वाला ईश्वर का ब्यापार पर रोक लगाये। रचयिता व्यथापिका के सम्बन्ध में ज्ञान-उपदेश देने वाला होना आवश्यक है लेकिन बहुत से लोग प्रसिध्धि ऐश्वर्य धन-मान-सम्मान प्राप्ति हेतु धर्म-ग्रन्थ का उपयोग करते हैं यह धर्म-ग्रन्थ का दुरूपयोग है
इस कानून से जो अच्छे धर्म-गुरु धर्म-उपदेशक हैं उन्हें बहुत मानसिक लाभ मिलेगा और जनता में यह विश्वास जागेगा हम जो सुन रहे है वह सही और अच्छा सुन रहे हैं ।
इस हेतु सुप्रीमकोर्ट में याचिका दायर करें।
सभी लोग समस्त संसार बनाने वाला का बंदा होने का दावा करते हैं लेकिन इनके कार्य क्या कहते हैं।
क्या समस्त संसार बनाने वाले के बंदों का ऐसा आचरण होना चाहिऐ।जिससे राष्ट्र में अशाँति बनी रहे।

पोस्टर-वीडियो

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ऑडियो वीडियो

सीमा समृध्धि कुशवाहा ने अपने लक्ष्य से प्रेम किया जिसका परिणाम कोर्ट की वकील बन गयी
मैंने अपने विषय से प्रेम किया अन्तरिक्ष रहस्य जानें जिसका परिणाम 21 कानून आपके सामने है
दोनों अपने लक्ष्य को प्राप्त किया

प्रस्तावित कानून यहाँ देखें

धर्मगुरू के आचरण कैसे हों यहाँ देखें

न्यायालय में धर्मगुरू से पूछे जाने वाले प्रश्न


यदि मुझे कुछ हो गया तब देश के पास मुझ जैसा अथवा मुझसे बेहतर कौन सा बुध्धि जीवी ब्यक्ति है जिसके द्वारा ईश्वर का ब्यापार बंद करो धर्मग्रन्थ का दुरूपयोग बंद करो इसमे वर्णित कानून पर वार्ता करेंगे हिन्दू मुस्लिम विवाद भारत पकिस्तान विवाद ब्रम्हाण-दलित विवाद को हल करेंगे
      अतः न्यायलय सरकार आपके राष्ट्र में बुध्धि जीवी ब्यक्ति को बुलाएँ देखें कितने लोग आगे आते है उनके आने पर आपको और मुझे भी बहुत ख़ुशी होगी मैंने राष्ट्र का विकास नहीं किया है समस्याओं का समाधान नहीं किया है दुनिया मैंने नहीं बनाई है सृजनकर्ता द्वारा निर्मित है मै सृजित हूँ अतः आप मुझे इस विषय पर वार्ता हेतु विवश नहीं कर सकते
       प्रश्न क्या समस्त संसार बनाने वाले की बात आप नहीं मानेंगे उन्होंने दान देने की बात कही है आप सरकार न्यायलय नागरिक मना कर देंगे यह ब्रेन क्लोज़र वर्ड है यह मु-बंदी शब्द है लोग इसका क्या उत्तर देंगे सारी सम्पत्ति का निर्माता कौन है क्या एक ईश्वर ने सारी दुनिया बनाई है उत्तर नहीं
       वे सबके ब्यवस्थापिका हो सकते हैं किन्तु सम्पूर्ण संपत्ति के निर्माता नहीं हो सकते सम्पूर्ण संसार का सृजन कर्ता फरिस्तों को देवता को मुफ्त की खाने का सुझाव नहीं देंगे न तो जीवित तत्व सृजनकर्ता न तो जीवित तत्व ब्यवस्थापिका ऐसा सुझाव नहीं देंगे
      धर्म उपदेशक कितने बड़े संसार निर्माता की बात कहते है जिनके द्वारा उपरोक्त बातें कहीं गयी है अथवा निर्मित की गयी है अथवा ब्यवस्थित की गयी है अथवा पालन पोषण सञ्चालन बागडोर संभाली गयी है इस सम्बन्ध में स्पष्टीकरण लेना आवश्यक है
नमस्कार धर्मगुरूओं
ध्रुवचन्द्र -क्या हाल है आजकल बहुत उदास रहते हो
धर्मगुरू -क्या करें 25 कानून लागू है मेहनत का खाना पडता है
ध्रुवचन्द्र -क्या पहले मेहनत का नहीं खाते थे
धर्मगुरू -नहीं जनाब पहले हमारे ठाट बाट ही निराले थे
ध्रुवचन्द्र-वो कैसे
धर्मगुरू -उस जमाने की बात ही निराली थी जनाब क्या जमाना था धर्मउपदेश देते और खूब सारा धन-सामग्री दान-उपहार-चंदा-चढावा मिलता था और खूब ऐश करते थे ध्रुवचन्द्र-अब क्या हुआ
धर्मगुरू -क्या बतायें जनाब भारत में 25 कानून लागू हो गया है जनाब 25 कानून कहता है अपनी मेहनत की खाओ और हमेशा सच बोलो अल्लाह के बंदों से मोमीनों से दान-उपहार-चंदा-चढावा लेने पर रोक लगा दिया है क्या जमाना आ गया है एक झूठ बोलने पर 3 साल जेल भेज देते हैं मेहनत की ना खाओ तो जेल भेज देते हैं
ध्रुवचन्द्र- आखिर भारत में ऐसा कानून क्यों बनाया गया।आप लोग तो बडे-बडे पहुंचे हुऐ धर्मगुरू हैं।
धर्मगुरू- जनाब इस सुवाल का जवाब न्यायालय सरकार से पूंछो दुनियां के अवाम से पूंछो।
ध्रुवचन्द्र- क्यों इसका जवाब आपको नहीं मालूम
धर्मगुरू- हम क्या जवाब दें जनाब उन्हीं से जाके पूंछो
ध्रुवचन्द्र-आपको इसका जवाब नहीं मालूम
धर्मगुरू- कह दिया ना जनाब इसका जवाब न्यायालय सरकार से पूंछो अवाम से पूंछो।
ध्रुवचन्द्र- कुछ तो बता दो
धर्मगुरू- जली पर तेल मत छिडको जनाब अब जाओ यहां से।
ध्रुवचन्द्र-आखिर भारत नें ऐसा कानून क्यों बनाया। विजय तुम्हे मालूम है
विजय- चलो पब्लिक से पूछते हैं
ध्रुवचन्द्र-ओके
राम-कृष्ण स्वामी- लीजिए शरबत पीजिए
विजय- आप कुछ बता रहे थे
राम-कृष्ण स्वामी-हाँ 25 कानून बनने का कारण है धर्मग्रन्थ दान-उपहार-चंदा-चढावा का बहुत से धर्मगुरूओं प्रचारक नेताओं द्वारा दुरूपयोग किया जा रहा था ध्रुवचन्द्र- दुरूपयोग किया जा रहा था
राम-कृष्ण स्वामी- हाँ दुसरा इनका आचरण सही नहीं था जैसा आचरण श्रेष्ठ धर्मगुरूओं का होता है वैसा नहीं था इसलिए ऐसे कानून की आवश्यकता महसूस की गई जो कानून भ्रष्ट धर्मगुरूओं प्रचारक नेताओं के आचरण ब्यवहार पर प्रतिबंध लगाता हो दान-उपहार-चंदा-चढावा के दुरूपयोग पर प्रतिबंध लगाता हो।
ध्रुवचन्द्र-किस प्रकार का दुरूपयोग किया जा रहा था
राम-कृष्ण स्वामी- समस्या तो हमें भ्रष्ट धर्मगुरूओं से था श्रेष्ठ धर्मगुरूओं से नहीं था इनका आचरण ब्यवहार नागरिक के सामने बहुत ही साफ सुथरा श्रेष्ठ आदर्श प्रस्तुत करने वाला था लेकिन लोगों की नजरों से छुपकर जो बुरे कर्म करते थे जैसे बलात्कार एैय्याशी हत्या शराब पीना
ध्रुवचन्द्र- क्या बलात्कार हत्या एैय्याशी विजय चौककर देखता है
राम-कृष्ण स्वामी - हाँ बलात्कार एैय्याशी जुआ शराब स्मगलिंग
ध्रुवचन्द्र- जुआ शराब स्मगलिंग भी
राम-कृष्ण स्वामी- हाँ जुआ शराब स्मगलिंग भी
ध्रुवचन्द्र- क्या बात है इन लोगों को द्वारा ये कार्य
राम-कृष्ण स्वामी- हाँ और पूरे गाँव शहर में दबदबा बनाकर रहना कुछ लोग तो पूरे देश मेँ दबदबा बनाकर रहते थे मनमानी बातें मनवाना बडे मालिक को मानने वालों द्वारा मूर्ती पूजने वालों की छोटे मालिक पूजने वालों की हत्या कर दी जाती उनकी बहन बेटीयों के साथ बलात्कार हत्या की जाती अपने निजी स्वार्थ को पूरा करने के लिए उन सभी अध्यात्मिक ज्ञान को लोगों के सामने बार-बार दोहराते जिससे उन्हें धन दौलत मान-सम्मान शोहरत मिलती बहुत से धर्मगुरू अनेक असत्य कथनों को स्थापित कर दिया जिससे उन्हें गाँव-समाज-शहर में दबदबा बनाने में सहूलियत होती थी ये लोग हथियार डन्डों के सहारे अपना दबदबा बनाये रखते थे। इन लोगों से समाज गाँव देश को परेशानी होने लगी थी इसलिए सरकार न्यायालय नागरिक ने ऐसे कानून की आवश्यकता महसूस की गई जी
राम-कृष्ण स्वामी - जो कानून भ्रष्ट धर्मगुरूओं प्रचारक अनुयायी नेताओं के भ्रष्ट-आचरण ब्यवहार पर प्रतिबंध लगाता हो दान-उपहार-चंदा-चढावा के दुरूपयोग धर्मग्रन्थ का सृजनकर्ता के नामों का दुरूपयोग असत्य कथनों इन सब पर प्रतिबंध लगाता हो। लेकिन 25 कानून की तरह सरकार न्यायालय के पास कानून नहीं था इसलिए सरकार न्यायालय नागरिक को इस समस्या से छुटकारा नहीं मिल रही थी दुनियाँ की सरकारे इनसे परेशान थी कानून तो बनें लेकिन कारगर कानून साबित नहीं हुआ कारगर कानून था रामसजीवन भारतीयाँ के पास उन्होने 25 कानून को न्यायालय में प्रस्तुत किया उस पर बहस हुई और इस तरह से अध्यात्मिक अत्याचार निवारण 25 कानून हमारे देश में लागू हो गया सिर्फ हमारे देश में ही नहीं कई देशों ने इस कानून का स्वागत किया अपने देश में लागू किया
ये है 25 कानून की कहानी
राम-कृष्ण स्वामी -
मौलाना -हम इस कानून का जबरदस्त विरोध करेंगे सारे मुसलमानों एक हो जाओ ये कानून अल्लाह के फरमान के खिलाफ है दान-उपहार-चंदा देना बहुत ही शबाब का काम है अल्लाह ने फरमाया है अपने जानों माल दीन-ए-इस्लाम के लिए कुर्बान हो जाओ यदि जान देना पडे तो जान दो और यदि अपनी मालियत धन-दौलत कुर्बान करना पडे तो कुर्बान कर दो। लेकिन ये 25 कानून आपको ऐसा करने से रोकता है ये कानून हमें चार-चार निकाह करने से रोकता है ये कानून हलाल किया जनावर का माँस खाने से रोकता है जिसे हम अल्लाह के नाम से अपने परवर दिगार के नाम से हलाल करते हैं ये कानून हमें काफिरों का कत्ल करने से रोकता है आखिर आप लोग बताये क्या कोई मौलाना जेहादी मेहनत करने में अपना वक्त जाया करेगा या इस्लाम फैलाने की राह में अपना सब कुछ कुर्बान कर देंगे।
हिन्दु धर्मगुरू- आप सभी भक्त गण ध्यान से सुने हमे इस कानून का विरोध करना होगा यह कानून जो भगवान देवी-देवता के अनमोल कथन उपदेश को खण्डित करता है दान देना परम धर्मों में से एक है ये कानून हमारी सनातन दान परम्परा संस्कृति का विनाश करता है
(दान-उपहार देना बडा ही पून्य का कार्य है देवी-देवता भगवान परमात्मा शिव प्रसन्न होते हैं जिससे स्वर्ग की परम धाम की प्राप्ति होती है आत्मा को मुक्ति मिलती है ) दान-उपहार देने से ब्राम्हण ऋषि साधू-संत प्रसन्न होते हैं हमें आशिर्वाद मिलता है जिससे हमारा कल्याण होता है।
प्रस्तावित कानून पढ़ें
धर्मगुरू के आचरण कैसे हों यहाँ देखें
न्यायालय में धर्मगुरू से पूछे जाने वाले प्रश्न
पच्चीस कानून पढ़ें

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